प्यार है तू मेरा मैं तेरी फिदाई

प्यार है तू मेरा मैं तेरी फिदाई 
जर जैसे बाल है तेरे हिरण जैसी आँखे 
चेरहा है गुल के जैसा दर्पण जैसी बातें 
अदाये है कमर के जैसी गुल के जैसी सासे 
परिवास भी फीकी लगती है सजन तुम्हारे आगे
ये तेरी मोहब्बत का नशा है या 
मेरे दिल से निकला एक तराना 
हर साँस कर दूंगा नाम तुम्हारे 
साजन पास मेरे आ जाना
ऐतबार कर मुझपे बेदर्द नहीं हूँ मैं 
तेरी इस कियाबान का बावर नहीं हूँ मैं 
बेजुबान हो जाता हूँ आगे तुम्हारे 
मोहब्बतें इशके बया नहीं कर पता

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